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Q: The bile is released into which part of the alimentary canal? पोषण नाल के किस भाग में पित्त स्रावित होता है?
  • A. stomach/आमाशय
  • B. duodenum/ग्रहणी
  • C. jejunum/अग्र क्षुद्रांत्र
  • D. ileum/क्षुद्रांत्र
Correct Answer: Option B - मनुष्य के पाचन तंत्र को दो भागों में बांटा जाता है– आहार नाल एवं पाचन ग्रंथियाँ। आहारनाल एक लम्बी, कुण्डलित नलिका होती है जो मुख से शुरू होकर गुदा में समाप्त होती है। आहारनाल के प्रमुख भाग हैं–मुखगुहा, ग्रासनली के आमाशय, आंत। आंत भी दो भाग में बंटी होती है– छोटी आंत एवं बड़ी आंत। छोटी आंत का आरंभिक भाग ग्रहणी कहलाता है। ग्रहणी तथा आमाशय के मोड़ के मध्य अग्नाशय पाया जाता है। पित्त वाहिनी एवं अग्नाशय वाहिनी मिलकर एक सामान्य वाहिनी बनाती है। यह सामान्य वाहिनी ग्रहणी में खुलती है। पित्त वाहिनी से ही पित्त का स्रावण होता है।
B. मनुष्य के पाचन तंत्र को दो भागों में बांटा जाता है– आहार नाल एवं पाचन ग्रंथियाँ। आहारनाल एक लम्बी, कुण्डलित नलिका होती है जो मुख से शुरू होकर गुदा में समाप्त होती है। आहारनाल के प्रमुख भाग हैं–मुखगुहा, ग्रासनली के आमाशय, आंत। आंत भी दो भाग में बंटी होती है– छोटी आंत एवं बड़ी आंत। छोटी आंत का आरंभिक भाग ग्रहणी कहलाता है। ग्रहणी तथा आमाशय के मोड़ के मध्य अग्नाशय पाया जाता है। पित्त वाहिनी एवं अग्नाशय वाहिनी मिलकर एक सामान्य वाहिनी बनाती है। यह सामान्य वाहिनी ग्रहणी में खुलती है। पित्त वाहिनी से ही पित्त का स्रावण होता है।

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मनुष्य के पाचन तंत्र को दो भागों में बांटा जाता है– आहार नाल एवं पाचन ग्रंथियाँ। आहारनाल एक लम्बी, कुण्डलित नलिका होती है जो मुख से शुरू होकर गुदा में समाप्त होती है। आहारनाल के प्रमुख भाग हैं–मुखगुहा, ग्रासनली के आमाशय, आंत। आंत भी दो भाग में बंटी होती है– छोटी आंत एवं बड़ी आंत। छोटी आंत का आरंभिक भाग ग्रहणी कहलाता है। ग्रहणी तथा आमाशय के मोड़ के मध्य अग्नाशय पाया जाता है। पित्त वाहिनी एवं अग्नाशय वाहिनी मिलकर एक सामान्य वाहिनी बनाती है। यह सामान्य वाहिनी ग्रहणी में खुलती है। पित्त वाहिनी से ही पित्त का स्रावण होता है।