Correct Answer:
Option A - वृक्ष को उस समय काटना चाहिए जब उसका विकास पूर्ण हो चुका हो अर्थात् वह अपनी लाभकारी आयु पूर्ण कर चुका हो। इस समय इसको काटने पर अधिकतम तथा प्रकाष्ठ उत्तम श्रेणी की प्राप्त होती है। वृक्षों को ग्रीष्म ऋतु के मध्य में (मई-जून) अथवा शरद ऋतु के मध्य में काटा जाता है, क्योंकि इन दिनों सैप में हल-चल न्यूनतम होती है, किन्तु पहाड़ी क्षेत्रों में वृक्ष को मध्य ग्रीष्म ऋतु में काटना चाहिए, क्योंकि पहाड़ों पर ग्रीष्म ऋतु में पहाड़ों पर नमी की मात्रा कम होती है।
A. वृक्ष को उस समय काटना चाहिए जब उसका विकास पूर्ण हो चुका हो अर्थात् वह अपनी लाभकारी आयु पूर्ण कर चुका हो। इस समय इसको काटने पर अधिकतम तथा प्रकाष्ठ उत्तम श्रेणी की प्राप्त होती है। वृक्षों को ग्रीष्म ऋतु के मध्य में (मई-जून) अथवा शरद ऋतु के मध्य में काटा जाता है, क्योंकि इन दिनों सैप में हल-चल न्यूनतम होती है, किन्तु पहाड़ी क्षेत्रों में वृक्ष को मध्य ग्रीष्म ऋतु में काटना चाहिए, क्योंकि पहाड़ों पर ग्रीष्म ऋतु में पहाड़ों पर नमी की मात्रा कम होती है।