Correct Answer:
Option C - 1937-38 के दौरान, बिहार में बकाश्त आंदोलन स्वामी सहजानन्द सरस्वती के द्वारा आयोजित किया गया था। ‘बकाश्त’ का अर्थ है- स्व-संवर्धित। यह आंदोलन जमीदारों द्वारा बकाश्त भूमि से किरायेदारों को बेदखल करने के खिलाफ था और इसके कारण बिहार किरायेदारी अधिनियम और बकाश्त भूमि कर पारित हुआ।
C. 1937-38 के दौरान, बिहार में बकाश्त आंदोलन स्वामी सहजानन्द सरस्वती के द्वारा आयोजित किया गया था। ‘बकाश्त’ का अर्थ है- स्व-संवर्धित। यह आंदोलन जमीदारों द्वारा बकाश्त भूमि से किरायेदारों को बेदखल करने के खिलाफ था और इसके कारण बिहार किरायेदारी अधिनियम और बकाश्त भूमि कर पारित हुआ।