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Q: भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद धन विधेयक की परिभाषा से संबंधित है?
  • A. अनुच्छेद 115
  • B. अनुच्छेद 100
  • C. अनुच्छेद 110
  • D. अनुच्छेद 120
Correct Answer: Option C - संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक को परिभाषित किया गया है। अनुच्छेद 110 के अनुसार कोई विधेयक तभी धन विधेयक कहा जाता है यदि उसमें केवल निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों से संबंधित प्रावधान हो। यथा- (क) किसी कर का अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन; (ख) भारत सरकार द्वारा धन उधार लेने का या कोई प्रत्याभूति देने का विनियमन अथवा भारत सरकार द्वारा अपने ऊपर ली गई अथवा ली जाने वाली किन्हीं वित्तीय बाध्यताओं से संबंधित विधि का संशोधन; (ग) भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, ऐसी किसी निधि में धन जमा करना या उसमें से निकालना; (घ) भारत की संचित निधि में से धन का विनियोग; (ङ) किसी व्यय को भारत की संचित निधि पर भारित व्यय घोषित करना या ऐसी व्यय की रकम को बढ़ाना; (च) भारत की संचित निधि या भारत के लोक लेखा के मद में धन प्राप्त करना अथवा ऐसे धन की अभिरक्षा या उसका निर्गमन अथवा संघ या राज्य के लेखाओं की संपरीक्षा; या (छ) उपखण्ड (क) से उपखण्ड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय का आनुषंगिक कोई विषय। ध्यातव्य है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका विनिश्चय संविधान के अनुच्छेद 110(3) के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष के द्वारा किया जाता है और उसका विनिश्चय अंतिम होता है।
C. संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक को परिभाषित किया गया है। अनुच्छेद 110 के अनुसार कोई विधेयक तभी धन विधेयक कहा जाता है यदि उसमें केवल निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों से संबंधित प्रावधान हो। यथा- (क) किसी कर का अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन; (ख) भारत सरकार द्वारा धन उधार लेने का या कोई प्रत्याभूति देने का विनियमन अथवा भारत सरकार द्वारा अपने ऊपर ली गई अथवा ली जाने वाली किन्हीं वित्तीय बाध्यताओं से संबंधित विधि का संशोधन; (ग) भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, ऐसी किसी निधि में धन जमा करना या उसमें से निकालना; (घ) भारत की संचित निधि में से धन का विनियोग; (ङ) किसी व्यय को भारत की संचित निधि पर भारित व्यय घोषित करना या ऐसी व्यय की रकम को बढ़ाना; (च) भारत की संचित निधि या भारत के लोक लेखा के मद में धन प्राप्त करना अथवा ऐसे धन की अभिरक्षा या उसका निर्गमन अथवा संघ या राज्य के लेखाओं की संपरीक्षा; या (छ) उपखण्ड (क) से उपखण्ड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय का आनुषंगिक कोई विषय। ध्यातव्य है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका विनिश्चय संविधान के अनुच्छेद 110(3) के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष के द्वारा किया जाता है और उसका विनिश्चय अंतिम होता है।

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संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक को परिभाषित किया गया है। अनुच्छेद 110 के अनुसार कोई विधेयक तभी धन विधेयक कहा जाता है यदि उसमें केवल निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों से संबंधित प्रावधान हो। यथा- (क) किसी कर का अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन; (ख) भारत सरकार द्वारा धन उधार लेने का या कोई प्रत्याभूति देने का विनियमन अथवा भारत सरकार द्वारा अपने ऊपर ली गई अथवा ली जाने वाली किन्हीं वित्तीय बाध्यताओं से संबंधित विधि का संशोधन; (ग) भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, ऐसी किसी निधि में धन जमा करना या उसमें से निकालना; (घ) भारत की संचित निधि में से धन का विनियोग; (ङ) किसी व्यय को भारत की संचित निधि पर भारित व्यय घोषित करना या ऐसी व्यय की रकम को बढ़ाना; (च) भारत की संचित निधि या भारत के लोक लेखा के मद में धन प्राप्त करना अथवा ऐसे धन की अभिरक्षा या उसका निर्गमन अथवा संघ या राज्य के लेखाओं की संपरीक्षा; या (छ) उपखण्ड (क) से उपखण्ड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय का आनुषंगिक कोई विषय। ध्यातव्य है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका विनिश्चय संविधान के अनुच्छेद 110(3) के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष के द्वारा किया जाता है और उसका विनिश्चय अंतिम होता है।