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Q: ‘गलितनखदन्त:’ अयं शब्द: कस्य विशेषणं भवति ?
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  • A. व्याघ्रस्य
  • B. पान्थस्य
  • C. धर्मोपदेष्टु:
  • D. लोभाकृष्टजनस्य
Correct Answer: Option A - ‘गलितनखदन्त:’ अयं शब्द: पाठानुसारं ‘व्याघ्रस्य’ विशेषणं भवति अर्थात् ‘गलितनखदन्त:’ व्याघ्र का विशेषण है गलितनखदन्त:- गल गये है नख तथा दांत जिसके बहुव्रीहि समास है, कुश हस्त: · कुशा है हाथ में जिसके बहुव्रीहि समास कुशहस्त: पाठानुसार व्याघ्र का विशेषण है।
A. ‘गलितनखदन्त:’ अयं शब्द: पाठानुसारं ‘व्याघ्रस्य’ विशेषणं भवति अर्थात् ‘गलितनखदन्त:’ व्याघ्र का विशेषण है गलितनखदन्त:- गल गये है नख तथा दांत जिसके बहुव्रीहि समास है, कुश हस्त: · कुशा है हाथ में जिसके बहुव्रीहि समास कुशहस्त: पाठानुसार व्याघ्र का विशेषण है।

Explanations:

‘गलितनखदन्त:’ अयं शब्द: पाठानुसारं ‘व्याघ्रस्य’ विशेषणं भवति अर्थात् ‘गलितनखदन्त:’ व्याघ्र का विशेषण है गलितनखदन्त:- गल गये है नख तथा दांत जिसके बहुव्रीहि समास है, कुश हस्त: · कुशा है हाथ में जिसके बहुव्रीहि समास कुशहस्त: पाठानुसार व्याघ्र का विशेषण है।