Explanations:
`शोषण का विरोध' प्रगतिवादी काव्य की सबसे प्रमुख विशेषता है। इसके अनुसार किसान और मजदूर एक होकर अपने ऊपर होने वाले सामंतों और पूँजीपतियों के अत्याचार का विरोध करेंगे। प्रगतिवादी काव्य-धारा में शोषितों की दीनता का चित्रण शोषक वर्ग के प्रति घृणा क्रांति की भावना एवं द्वन्द्वात्मक भौतिक विकासवाद आदि की विशेषतया दर्शन मिलता है।