Correct Answer:
Option A - निराला एक क्रांतिकारी कवि है। इन्होंने अनेक संत्रास को झेलते हुए कभी भी हार नहीं मानी। ‘बादल राग’ कविता में उनके क्रांतिकारी व्यक्तित्व का प्रस्फुटन हुआ है। सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ छायावादी काव्य के अन्तर्गत ‘शक्ति काव्य के प्रणेता’ के रूप में स्वीकार किये जाते हैं।
A. निराला एक क्रांतिकारी कवि है। इन्होंने अनेक संत्रास को झेलते हुए कभी भी हार नहीं मानी। ‘बादल राग’ कविता में उनके क्रांतिकारी व्यक्तित्व का प्रस्फुटन हुआ है। सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ छायावादी काव्य के अन्तर्गत ‘शक्ति काव्य के प्रणेता’ के रूप में स्वीकार किये जाते हैं।