Correct Answer:
Option A - देशोन्नत्या: मूलकारणं ‘देशं प्रति भक्ति:’ अस्ति। अर्थात् देश की उन्नति का मूल कारण ‘देश के प्रति भक्ति’ है।
‘देशं प्रति भक्ति:’ यहाँ प्रति के योग के कारण ‘देशं’ में द्वितीया विभक्ति हुई है।
सूत्र ‘‘अभित:परित:समयानिकषाहाप्रतियोगेऽपिद्वितीया।’’
A. देशोन्नत्या: मूलकारणं ‘देशं प्रति भक्ति:’ अस्ति। अर्थात् देश की उन्नति का मूल कारण ‘देश के प्रति भक्ति’ है।
‘देशं प्रति भक्ति:’ यहाँ प्रति के योग के कारण ‘देशं’ में द्वितीया विभक्ति हुई है।
सूत्र ‘‘अभित:परित:समयानिकषाहाप्रतियोगेऽपिद्वितीया।’’