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Q: दूसरों के (सुख के) लिए अपने सुखों का त्याग।’ दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा -
  • A. आत्मग्राही
  • B. आत्मघात
  • C. आत्मोसर्ग
  • D. आत्मोकर्ष
Correct Answer: Option A - ‘अन्वेषण’ शब्द के शुद्ध सन्धि-विच्छेद ‘अनु + एषण’ होगा। यह यण स्वर संधि का उदाहरण है। यण संधि- यदि इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो इ, ई का ‘य्’ तथा उ, ऊ का ‘व्’ तथा ऋ का ‘र्’ हो जाता है। जैसे- अति + आचार = अत्याचार अनु + ईक्षा = अन्वीक्षा देवी + आगम = देव्यागम
A. ‘अन्वेषण’ शब्द के शुद्ध सन्धि-विच्छेद ‘अनु + एषण’ होगा। यह यण स्वर संधि का उदाहरण है। यण संधि- यदि इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो इ, ई का ‘य्’ तथा उ, ऊ का ‘व्’ तथा ऋ का ‘र्’ हो जाता है। जैसे- अति + आचार = अत्याचार अनु + ईक्षा = अन्वीक्षा देवी + आगम = देव्यागम

Explanations:

‘अन्वेषण’ शब्द के शुद्ध सन्धि-विच्छेद ‘अनु + एषण’ होगा। यह यण स्वर संधि का उदाहरण है। यण संधि- यदि इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो इ, ई का ‘य्’ तथा उ, ऊ का ‘व्’ तथा ऋ का ‘र्’ हो जाता है। जैसे- अति + आचार = अत्याचार अनु + ईक्षा = अन्वीक्षा देवी + आगम = देव्यागम