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Q: दरिद्रता के वर्णन से पूर्ण रूपक प्रणीत किया है
  • A. बाणभट्ट ने
  • B. माघ ने
  • C. त्रिविक्रमभट्ट ने
  • D. शूद्रक ने
Correct Answer: Option D - शूद्रक ने दरिद्रता के वर्णन से पूर्ण रूपक प्रणीत किया है। मृच्छकटिकम् दस प्रकरणों में विभक्त शूद्रक की एक मात्र रचना है। इसमें एक निर्धन (दरिद्र) ब्राह्मण चारुदत्त का वसन्तसेना नामक गणिका (वेश्या) से प्रेम वर्णन है। अन्त में दोनों का पे्रम सफल होता है और वसन्तसेना का दरिद्र चारुदत्त से विवाह होता है।
D. शूद्रक ने दरिद्रता के वर्णन से पूर्ण रूपक प्रणीत किया है। मृच्छकटिकम् दस प्रकरणों में विभक्त शूद्रक की एक मात्र रचना है। इसमें एक निर्धन (दरिद्र) ब्राह्मण चारुदत्त का वसन्तसेना नामक गणिका (वेश्या) से प्रेम वर्णन है। अन्त में दोनों का पे्रम सफल होता है और वसन्तसेना का दरिद्र चारुदत्त से विवाह होता है।

Explanations:

शूद्रक ने दरिद्रता के वर्णन से पूर्ण रूपक प्रणीत किया है। मृच्छकटिकम् दस प्रकरणों में विभक्त शूद्रक की एक मात्र रचना है। इसमें एक निर्धन (दरिद्र) ब्राह्मण चारुदत्त का वसन्तसेना नामक गणिका (वेश्या) से प्रेम वर्णन है। अन्त में दोनों का पे्रम सफल होता है और वसन्तसेना का दरिद्र चारुदत्त से विवाह होता है।