Correct Answer:
Option B - जौनसारी उत्तराखण्ड का प्रमुख जनजातीय समुदाय है। थारू जनजाति उत्तराखण्ड का सर्वप्रमुख जनजातीय समुदाय उधमसिंह नगर में सबसे अधिक पायी जाती है। ऊधमिंसह नगर जनपद के मुख्यत: रुद्रपुर, खटीमा, नानक मत्ता एवं सितारगंज विकास खण्डों में यह जनजाति प्रमुखत: पायी जाती है। थारू अपने को मातृपक्ष से राजपूत व पितृपक्ष से भील से उत्पन्न मानते हैं। इनके अधिकांश घरों में मंदिर होते हैं। ये देवी-देवताओं तथा प्रेतात्माओं की पूजा करते हैं और बलि चढ़ाते हैं एवं मांस का सेवन करते हैं। ये लोग देवी काली, महादेव और भैरव की पूजा करते हैं। इनमें चावल से तैयार की गयी `जाड़' शराब पीने का प्रचलन है। तराई क्षेत्र में थारू जनजाति का आगमन मुगल शासनकाल में हुआ। थारू जनजाति में विधवा विवाह, बहुपत्नी विवाह तथा घर जंवाई प्रथा आज भी प्रचलित है। इनमें मातृसत्तात्मक व्यवस्था प्रचलित है। ये लोग भोजपुरी, मैथिली, नेपाली मिश्रित पहाड़ी अवधी भाषा बोलते हैं। कृषि इनका प्रमुख व्यवसाय है।
B. जौनसारी उत्तराखण्ड का प्रमुख जनजातीय समुदाय है। थारू जनजाति उत्तराखण्ड का सर्वप्रमुख जनजातीय समुदाय उधमसिंह नगर में सबसे अधिक पायी जाती है। ऊधमिंसह नगर जनपद के मुख्यत: रुद्रपुर, खटीमा, नानक मत्ता एवं सितारगंज विकास खण्डों में यह जनजाति प्रमुखत: पायी जाती है। थारू अपने को मातृपक्ष से राजपूत व पितृपक्ष से भील से उत्पन्न मानते हैं। इनके अधिकांश घरों में मंदिर होते हैं। ये देवी-देवताओं तथा प्रेतात्माओं की पूजा करते हैं और बलि चढ़ाते हैं एवं मांस का सेवन करते हैं। ये लोग देवी काली, महादेव और भैरव की पूजा करते हैं। इनमें चावल से तैयार की गयी `जाड़' शराब पीने का प्रचलन है। तराई क्षेत्र में थारू जनजाति का आगमन मुगल शासनकाल में हुआ। थारू जनजाति में विधवा विवाह, बहुपत्नी विवाह तथा घर जंवाई प्रथा आज भी प्रचलित है। इनमें मातृसत्तात्मक व्यवस्था प्रचलित है। ये लोग भोजपुरी, मैथिली, नेपाली मिश्रित पहाड़ी अवधी भाषा बोलते हैं। कृषि इनका प्रमुख व्यवसाय है।