Correct Answer:
Option B - लुब्रीकेशन ऑयल को ऑयल कूलर द्वारा ठण्डा किया जाता है।
जब इंजन में होकर तेल वापस सम्प में आता है, तो वातावरण की ठण्डी हवा से हुए ठण्डे सम्प के सम्पर्क में आकर वह तेल सामान्य तापक्रम पर आ जाता है, परन्तु अधिक प्रभावी ढंग से उसे ठण्डा करने के लिए आयल कूलर का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए हीट एक्सचेन्जर का प्रयोग किया जाता है। इनमें निकलने वाले तेल की गर्मी पानी में चली जाती है और तेल ठण्डा हो जाता है। कुछ इंजनों में व्रैंâक केस के बाहर फिन्स लगाई जाती है। कुछ में अलग से एक आयल रेडिएटर का प्रयोग किया जाता है।
B. लुब्रीकेशन ऑयल को ऑयल कूलर द्वारा ठण्डा किया जाता है।
जब इंजन में होकर तेल वापस सम्प में आता है, तो वातावरण की ठण्डी हवा से हुए ठण्डे सम्प के सम्पर्क में आकर वह तेल सामान्य तापक्रम पर आ जाता है, परन्तु अधिक प्रभावी ढंग से उसे ठण्डा करने के लिए आयल कूलर का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए हीट एक्सचेन्जर का प्रयोग किया जाता है। इनमें निकलने वाले तेल की गर्मी पानी में चली जाती है और तेल ठण्डा हो जाता है। कुछ इंजनों में व्रैंâक केस के बाहर फिन्स लगाई जाती है। कुछ में अलग से एक आयल रेडिएटर का प्रयोग किया जाता है।