Correct Answer:
Option C - दो शब्दों के संयोग को समास कहते है।
⇒ दो या अधिक शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले शब्दों अथवा प्रत्ययों का लोप होने पर, उन दो या अधिक शब्दों से जो एक स्वतंत्र शब्द बनता है, उस शब्द को सामासिक शब्द कहते है और उन दो या अधिक शब्दों का जो संयोग होता है, वह समास कहलाता है। उदाहरण-प्रेमसागर अर्थात् प्रेम का समुद्र। इस उदाहरण में प्रेम और सागर, इन दो शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले संबंध कारक के प्रत्यय का लोप होने से ‘प्रेमसागर’ एक स्वतन्त्र शब्द बना है। इसलिए ‘प्रेमसागर’, सामासिक शब्द है और इस शब्द में प्रेम और सागर, इन दो शब्दों का संयोग है।
⇒ समास मुख्यत: चार प्रकार के होते है-
(1) अव्ययी भाव समास (2) तत्पुरुष समास
(3) द्वन्द्व समास (4) बहुब्रीहि समास
⇒ दो निर्दिष्ट अक्षरों के पास-पास आने के कारण उनके मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे सन्धि कहते है। संधि और संयोग में यह अंतर है कि संयोग में अक्षर जैसे के तैसे रहते हैं, किन्तु सन्धि में उच्चारण के नियमानुसार दो अक्षरों के मेल मे उनकी जगह कोई भिन्न अक्षर हो जाता है।
⇒ वाक्य के उस भाग को, जिसमें एक से अधिक पद परस्पर सम्बन्ध होकर अर्थ तो देते हैं, किन्तु पूरा अर्थ नहीं देते-पदबन्ध या वाक्यांश कहते है।
C. दो शब्दों के संयोग को समास कहते है।
⇒ दो या अधिक शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले शब्दों अथवा प्रत्ययों का लोप होने पर, उन दो या अधिक शब्दों से जो एक स्वतंत्र शब्द बनता है, उस शब्द को सामासिक शब्द कहते है और उन दो या अधिक शब्दों का जो संयोग होता है, वह समास कहलाता है। उदाहरण-प्रेमसागर अर्थात् प्रेम का समुद्र। इस उदाहरण में प्रेम और सागर, इन दो शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले संबंध कारक के प्रत्यय का लोप होने से ‘प्रेमसागर’ एक स्वतन्त्र शब्द बना है। इसलिए ‘प्रेमसागर’, सामासिक शब्द है और इस शब्द में प्रेम और सागर, इन दो शब्दों का संयोग है।
⇒ समास मुख्यत: चार प्रकार के होते है-
(1) अव्ययी भाव समास (2) तत्पुरुष समास
(3) द्वन्द्व समास (4) बहुब्रीहि समास
⇒ दो निर्दिष्ट अक्षरों के पास-पास आने के कारण उनके मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे सन्धि कहते है। संधि और संयोग में यह अंतर है कि संयोग में अक्षर जैसे के तैसे रहते हैं, किन्तु सन्धि में उच्चारण के नियमानुसार दो अक्षरों के मेल मे उनकी जगह कोई भिन्न अक्षर हो जाता है।
⇒ वाक्य के उस भाग को, जिसमें एक से अधिक पद परस्पर सम्बन्ध होकर अर्थ तो देते हैं, किन्तु पूरा अर्थ नहीं देते-पदबन्ध या वाक्यांश कहते है।