Explanations:
सम्प्रति गद्यांश में ‘‘अस्माकम् परम्परायाम्’’ का आशय है’’ भारतीय परम्परा।’’ गद्यांश का लेखक बताता है कि हमारी परम्परा में बहुत से वैदिक ऋषि हुए जिसमें महर्षि वशिष्ठ और विश्वामित्र महान् थे। एक ने महामृत्युञ्जय मंत्र की रचना की दूसरे ने गायत्री मंत्र की।