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Q: दी गयी विशेषताओं के आधार पर, खगोलीय पिंडों के प्रकार पहचानें- A. वे गैसों द्वारा बने हुए हैं। B. उनकी अपनी रोशनी और गर्मी होती हैं। C. वे बड़े और गर्म होते हैं।
  • A. आकाश गंगा
  • B. तारे
  • C. ग्रह
  • D. उपग्रह
Correct Answer: Option B - कुछ खगोलीय पिंड गैसों द्वारा बने होते हैं, तथा कुछ बड़े आकार वाले गर्म होते हैं। उनके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता है। जिसे वे बहुत बड़ी मात्रा में उत्सर्जित करते हैं। इन खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। इस प्रकार ये सारी विशेषताएँ खगोलीय पिंड तारा के बारे में बताई गयी है। सूर्य, चन्द्रमा तथा वे सभी वस्तुएँ जो रात के समय में आसमान में चमकती है खगोलीय पिंड कहलाती हैं। आकाश गंगा करोड़ों तारों, बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है। इस प्रकार की लाखों आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्माण्ड का निर्माण करती हैं। कुछ खगोलीय पिण्ड में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होती है वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं, ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं। उपग्रह एक खगोलीय पिंड है जो ग्रहों के चारों ओर उसी प्रकार चक्कर लगाता है, जिस प्रकार ग्रह सूर्य के चारोें ओर चक्कर लगाते हैं।
B. कुछ खगोलीय पिंड गैसों द्वारा बने होते हैं, तथा कुछ बड़े आकार वाले गर्म होते हैं। उनके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता है। जिसे वे बहुत बड़ी मात्रा में उत्सर्जित करते हैं। इन खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। इस प्रकार ये सारी विशेषताएँ खगोलीय पिंड तारा के बारे में बताई गयी है। सूर्य, चन्द्रमा तथा वे सभी वस्तुएँ जो रात के समय में आसमान में चमकती है खगोलीय पिंड कहलाती हैं। आकाश गंगा करोड़ों तारों, बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है। इस प्रकार की लाखों आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्माण्ड का निर्माण करती हैं। कुछ खगोलीय पिण्ड में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होती है वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं, ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं। उपग्रह एक खगोलीय पिंड है जो ग्रहों के चारों ओर उसी प्रकार चक्कर लगाता है, जिस प्रकार ग्रह सूर्य के चारोें ओर चक्कर लगाते हैं।

Explanations:

कुछ खगोलीय पिंड गैसों द्वारा बने होते हैं, तथा कुछ बड़े आकार वाले गर्म होते हैं। उनके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता है। जिसे वे बहुत बड़ी मात्रा में उत्सर्जित करते हैं। इन खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। इस प्रकार ये सारी विशेषताएँ खगोलीय पिंड तारा के बारे में बताई गयी है। सूर्य, चन्द्रमा तथा वे सभी वस्तुएँ जो रात के समय में आसमान में चमकती है खगोलीय पिंड कहलाती हैं। आकाश गंगा करोड़ों तारों, बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है। इस प्रकार की लाखों आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्माण्ड का निर्माण करती हैं। कुछ खगोलीय पिण्ड में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होती है वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं, ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं। उपग्रह एक खगोलीय पिंड है जो ग्रहों के चारों ओर उसी प्रकार चक्कर लगाता है, जिस प्रकार ग्रह सूर्य के चारोें ओर चक्कर लगाते हैं।