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Q: In prismatic compass, designation or notation of bearing is in
  • A. Whole Circle Bearing (W.C.B.) पूर्णवृत्त दिक्मान पद्धति में होता है
  • B. Quadrantal Bearing or Reduced Bearing (R.B.) / चतुर्थांश दिक्मान पद्धति में होता है
  • C. Fore and Back Bearing अग्र तथा पश्च दिक्मान में होता है
  • D. None of the above / उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - प्रिज्मी दिक्सूचक में दिक्मान पूर्णवृत्त दिक्मान पद्धति (W.C.B) में पढ़ा जाता है। इसमें रेखाओं का दिक्मान चुम्बकीय उत्तर के सन्दर्भ में दक्षिणावर्त दिशा में मापा जाता है। ∎ W.C.B में दिक्मान का मान 0-3600 के बीच होता है। ∎ प्रिज्मी दिक्सूचक का अल्पतमांक 30' होता है, जबकि सर्वेक्षक कंपास का अल्पतमांक 15' होता है।
A. प्रिज्मी दिक्सूचक में दिक्मान पूर्णवृत्त दिक्मान पद्धति (W.C.B) में पढ़ा जाता है। इसमें रेखाओं का दिक्मान चुम्बकीय उत्तर के सन्दर्भ में दक्षिणावर्त दिशा में मापा जाता है। ∎ W.C.B में दिक्मान का मान 0-3600 के बीच होता है। ∎ प्रिज्मी दिक्सूचक का अल्पतमांक 30' होता है, जबकि सर्वेक्षक कंपास का अल्पतमांक 15' होता है।

Explanations:

प्रिज्मी दिक्सूचक में दिक्मान पूर्णवृत्त दिक्मान पद्धति (W.C.B) में पढ़ा जाता है। इसमें रेखाओं का दिक्मान चुम्बकीय उत्तर के सन्दर्भ में दक्षिणावर्त दिशा में मापा जाता है। ∎ W.C.B में दिक्मान का मान 0-3600 के बीच होता है। ∎ प्रिज्मी दिक्सूचक का अल्पतमांक 30' होता है, जबकि सर्वेक्षक कंपास का अल्पतमांक 15' होता है।