Correct Answer:
Option B - पूर्व प्रतिबलित कंक्रीट में प्रबलन अनिवार्यत: टेण्डन या कण्डरा के रूप में किया जाता है। पूर्व प्रतिबलित कंक्रीट में उच्च तनन वाली इस्पात प्रयोग की जाती है। कई तारों को आपस में बुनकर जो डोरी बनाते हैं, उसे कण्डरा कहते हैं।
पूर्व-प्रतिबलन की पद्धति के अनुसार टेन्डन की सभी तारो को एक-एक करके अथवा सभी तारों को एक साथ दोनों सिरो से पकड़ कर और बल लगाकर खींचा जाता है। खीचने के लिए जैक इस्तेमाल किया जाता है। टेन्डन को साँचे में रखने के लिये कंक्रीट खण्डो में 40 से 50 mm व्यास की (टेन्डन की मोटाई के अनुसार) वाहिनी (Ducts) छोड़ी जाती है, जिन्हें तारो को प्रतिबलन देने के बाद, सीमेन्ट-घोल से (Grouting) भर दिया जाता है।
B. पूर्व प्रतिबलित कंक्रीट में प्रबलन अनिवार्यत: टेण्डन या कण्डरा के रूप में किया जाता है। पूर्व प्रतिबलित कंक्रीट में उच्च तनन वाली इस्पात प्रयोग की जाती है। कई तारों को आपस में बुनकर जो डोरी बनाते हैं, उसे कण्डरा कहते हैं।
पूर्व-प्रतिबलन की पद्धति के अनुसार टेन्डन की सभी तारो को एक-एक करके अथवा सभी तारों को एक साथ दोनों सिरो से पकड़ कर और बल लगाकर खींचा जाता है। खीचने के लिए जैक इस्तेमाल किया जाता है। टेन्डन को साँचे में रखने के लिये कंक्रीट खण्डो में 40 से 50 mm व्यास की (टेन्डन की मोटाई के अनुसार) वाहिनी (Ducts) छोड़ी जाती है, जिन्हें तारो को प्रतिबलन देने के बाद, सीमेन्ट-घोल से (Grouting) भर दिया जाता है।