Correct Answer:
Option A - प्राइमरी गणित के किसी भी पाठ्यक्रम को निश्चित ही मूर्त से अमूर्त श्रेणी में सम्मिलित करना चाहिए।
प्राइमरी या प्राथमिक स्तर पर छात्र केवल मूर्त अनुभव को समझने में सक्षम होते हैं, इसलिए प्राथमिक गणित के किसी भी पाठ्यक्रम में मूर्त से अमूर्त श्रेणी में ही शामिल करना चाहिए।
A. प्राइमरी गणित के किसी भी पाठ्यक्रम को निश्चित ही मूर्त से अमूर्त श्रेणी में सम्मिलित करना चाहिए।
प्राइमरी या प्राथमिक स्तर पर छात्र केवल मूर्त अनुभव को समझने में सक्षम होते हैं, इसलिए प्राथमिक गणित के किसी भी पाठ्यक्रम में मूर्त से अमूर्त श्रेणी में ही शामिल करना चाहिए।