Correct Answer:
Option C - बंगाल विभाजन का प्रस्ताव दिसम्बर 1903 में अंग्रेजों द्वारा किया गया था। इस प्रस्ताव के विरुद्ध में कई बैठके हुई। बंगाल के नेता सुरेन्द्र नाथ बनर्जी और पृथ्वीश चन्द्र राय ने ‘बंगाली’ ‘हितवादी’ एवं संजीवनी जैसे अखबारों द्वारा विभाजन के प्रस्ताव की आलोचना किया। इस विभाजन का मूल उद्देश्य भारत की अखण्डता को नष्ट करना था। बड़े पैमाने पर इस प्रस्ताव के विरोध के बावजूद लार्ड कर्जन ने जुलाई 1905 में बंगाल विभाजन की घोषणा कर दिया, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन प्रारंभ हुआ था। स्वदेशी आंदोलन का विचार सर्वप्रथम कृष्ण कुमार मित्र के पत्र संजीवनी में 1905 में प्रस्तुत किया गया था।
C. बंगाल विभाजन का प्रस्ताव दिसम्बर 1903 में अंग्रेजों द्वारा किया गया था। इस प्रस्ताव के विरुद्ध में कई बैठके हुई। बंगाल के नेता सुरेन्द्र नाथ बनर्जी और पृथ्वीश चन्द्र राय ने ‘बंगाली’ ‘हितवादी’ एवं संजीवनी जैसे अखबारों द्वारा विभाजन के प्रस्ताव की आलोचना किया। इस विभाजन का मूल उद्देश्य भारत की अखण्डता को नष्ट करना था। बड़े पैमाने पर इस प्रस्ताव के विरोध के बावजूद लार्ड कर्जन ने जुलाई 1905 में बंगाल विभाजन की घोषणा कर दिया, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन प्रारंभ हुआ था। स्वदेशी आंदोलन का विचार सर्वप्रथम कृष्ण कुमार मित्र के पत्र संजीवनी में 1905 में प्रस्तुत किया गया था।