Correct Answer:
Option A - दस वैâप्टिव-नस्ल एशियाई विशालकाय कछुए (मनौरिया एमिस), मुख्य भूमि एशिया में सबसे बड़ी कछुआ प्रजातियों में एक, भारत के नतांगकी राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गये है। नतांगकी राष्ट्रीय उद्यान उत्तर पूर्व भारत के नागालैण्ड राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। स्थानीय क्षेत्रों में आम लोग इसे ‘इंटांकी’ कहते है। वर्ष 1975 में नागालैंड राज्य सरकार द्वारा नतांगकी रिजर्व फॉरेस्ट को वन्यजीव अभ्यारण्य का दर्जा दिया गया था। वर्ष 1993 में इसको राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया।
A. दस वैâप्टिव-नस्ल एशियाई विशालकाय कछुए (मनौरिया एमिस), मुख्य भूमि एशिया में सबसे बड़ी कछुआ प्रजातियों में एक, भारत के नतांगकी राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गये है। नतांगकी राष्ट्रीय उद्यान उत्तर पूर्व भारत के नागालैण्ड राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। स्थानीय क्षेत्रों में आम लोग इसे ‘इंटांकी’ कहते है। वर्ष 1975 में नागालैंड राज्य सरकार द्वारा नतांगकी रिजर्व फॉरेस्ट को वन्यजीव अभ्यारण्य का दर्जा दिया गया था। वर्ष 1993 में इसको राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया।