Correct Answer:
Option B - तत्वों को एकत्रित कर नवीन स्वरूप को आकार देने की प्रक्रिया संश्लेषण कहलाती है। इसके अंतर्गत सभी तत्वों और भागों को एकत्रित करके नवीन ढाँचा तैयार किया जाता है। इसमें छात्र ज्ञान तथा बोध के आकार पर सृजनात्मक योग्यता का उपयोग करते हुये नवीन प्रत्यय या वस्तु का निर्माण करता है। इसमें एकीकरण व सम्पूर्णता पर विशेष बल देते हुए छात्र की सूझ बूझ, सृजनशीलता को विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है।
जैसे- निष्कर्ष निकालना, सामान्यीकरण करना, सारांशीकरण करना, नवीन योजना बनाना आदि।
B. तत्वों को एकत्रित कर नवीन स्वरूप को आकार देने की प्रक्रिया संश्लेषण कहलाती है। इसके अंतर्गत सभी तत्वों और भागों को एकत्रित करके नवीन ढाँचा तैयार किया जाता है। इसमें छात्र ज्ञान तथा बोध के आकार पर सृजनात्मक योग्यता का उपयोग करते हुये नवीन प्रत्यय या वस्तु का निर्माण करता है। इसमें एकीकरण व सम्पूर्णता पर विशेष बल देते हुए छात्र की सूझ बूझ, सृजनशीलता को विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है।
जैसे- निष्कर्ष निकालना, सामान्यीकरण करना, सारांशीकरण करना, नवीन योजना बनाना आदि।