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Q: ट्रिडेल, प्लेंटेन, सिलेंडर तथा रोटरी मशीनें प्रयुक्त होती हैं–
  • A. लेटर प्रेस
  • B. ऑफसेट प्रेस
  • C. ग्रेव्योर
  • D. सेरीग्राफी
Correct Answer: Option A - लेटर प्रेस मुद्रण की सबसे पुरानी तकनीक है, जो आज भी प्रचलित है। प्राचीन काल में लकड़ी के गुटखे (ब्लॉक) का विकसित रूप ‘लेटर प्रेस’ है। अक्षर मुद्रण का सिद्धान्त है उभरी हुई सतह के द्वारा मुद्रण लेटर प्रेस में टाइप को कम्पोज करके वांछित आकार का पृष्ठ बनाकर मशीन पर छापा जाता है। उसमें ट्रिडेल, प्लेंटेन, सिलेंडर तथा रोटरी मशीनें प्रयुक्त होती है।
A. लेटर प्रेस मुद्रण की सबसे पुरानी तकनीक है, जो आज भी प्रचलित है। प्राचीन काल में लकड़ी के गुटखे (ब्लॉक) का विकसित रूप ‘लेटर प्रेस’ है। अक्षर मुद्रण का सिद्धान्त है उभरी हुई सतह के द्वारा मुद्रण लेटर प्रेस में टाइप को कम्पोज करके वांछित आकार का पृष्ठ बनाकर मशीन पर छापा जाता है। उसमें ट्रिडेल, प्लेंटेन, सिलेंडर तथा रोटरी मशीनें प्रयुक्त होती है।

Explanations:

लेटर प्रेस मुद्रण की सबसे पुरानी तकनीक है, जो आज भी प्रचलित है। प्राचीन काल में लकड़ी के गुटखे (ब्लॉक) का विकसित रूप ‘लेटर प्रेस’ है। अक्षर मुद्रण का सिद्धान्त है उभरी हुई सतह के द्वारा मुद्रण लेटर प्रेस में टाइप को कम्पोज करके वांछित आकार का पृष्ठ बनाकर मशीन पर छापा जाता है। उसमें ट्रिडेल, प्लेंटेन, सिलेंडर तथा रोटरी मशीनें प्रयुक्त होती है।