Correct Answer:
Option D - ‘तेरी बरछी ने बर छीने है, खलन के’। इस पंक्ति में यमक अलंकार का प्रयोग हुआ है। जहाँ एक या एक से अधिक शब्द एक से अधिक बार प्रयुक्त हों एवं अर्थ भी प्रत्येक बार भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।
अनुप्रास अलंकार - जहाँ वर्णों या व्यंजनों की साम्य के आधार पर आवृत्ति हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
श्लेष अलंकार - श्लेष का अर्थ है- चिपकना, मिलना अथवा संयोग। जहाँ एक शब्द के साथ अनेक अर्थ चिपके रहते हैं। वहाँ श्लेष अलंकार होता है।
रूपक अलंकार - जहाँ उपमेय और उपमान में भेदरहित आरोप किया जाता है, वहाँ ‘रूपक’ अलंकार होता है।
D. ‘तेरी बरछी ने बर छीने है, खलन के’। इस पंक्ति में यमक अलंकार का प्रयोग हुआ है। जहाँ एक या एक से अधिक शब्द एक से अधिक बार प्रयुक्त हों एवं अर्थ भी प्रत्येक बार भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।
अनुप्रास अलंकार - जहाँ वर्णों या व्यंजनों की साम्य के आधार पर आवृत्ति हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
श्लेष अलंकार - श्लेष का अर्थ है- चिपकना, मिलना अथवा संयोग। जहाँ एक शब्द के साथ अनेक अर्थ चिपके रहते हैं। वहाँ श्लेष अलंकार होता है।
रूपक अलंकार - जहाँ उपमेय और उपमान में भेदरहित आरोप किया जाता है, वहाँ ‘रूपक’ अलंकार होता है।