Correct Answer:
Option B - ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ अर्थात् यदि शीङ (सोना), स्था (ठहरना) तथा आस् (बैठना) धातुओं के पूर्व यदि ‘अधि’ उपसर्ग लगा हो तो क्रियाओं का आधार कर्म कहलाता है न कि अधिकरण और आधार कर्म होने पर ‘कर्मणि द्वितीया’ से उनमें द्वितीया विभक्ति होती है।
B. ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ अर्थात् यदि शीङ (सोना), स्था (ठहरना) तथा आस् (बैठना) धातुओं के पूर्व यदि ‘अधि’ उपसर्ग लगा हो तो क्रियाओं का आधार कर्म कहलाता है न कि अधिकरण और आधार कर्म होने पर ‘कर्मणि द्वितीया’ से उनमें द्वितीया विभक्ति होती है।
Explanations:
‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ अर्थात् यदि शीङ (सोना), स्था (ठहरना) तथा आस् (बैठना) धातुओं के पूर्व यदि ‘अधि’ उपसर्ग लगा हो तो क्रियाओं का आधार कर्म कहलाता है न कि अधिकरण और आधार कर्म होने पर ‘कर्मणि द्वितीया’ से उनमें द्वितीया विभक्ति होती है।
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