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Q: ‘तुलसी गंग दुवौ भये सुकबिन के सरदार’ - यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
  • A. भिखारीदास
  • B. ब्रजनाथ
  • C. रामचन्द्र शुक्ल
  • D. रामकुमार वर्मा
Correct Answer: Option A - ‘तुलसी गंग दुवौ भये सुकबिन के सरदार’ यह प्रसिद्ध कथन भिखारीदास का है। कवि गंग का समय 1538 - 1625 ई. माना जाता है। इनका वास्तविक नाम गंगाधर था। ये अकबर के दरबारी कवि थे। ‘गंग पचीसी’, गंग पदावली, गंग रत्नावली इनके प्रमुख ग्रंथ हैं। गंग की कविता अलंकार और शब्द वैचित्र्य से भरपूर है साथ ही उसमें सरसता और मार्मिकता भी है।
A. ‘तुलसी गंग दुवौ भये सुकबिन के सरदार’ यह प्रसिद्ध कथन भिखारीदास का है। कवि गंग का समय 1538 - 1625 ई. माना जाता है। इनका वास्तविक नाम गंगाधर था। ये अकबर के दरबारी कवि थे। ‘गंग पचीसी’, गंग पदावली, गंग रत्नावली इनके प्रमुख ग्रंथ हैं। गंग की कविता अलंकार और शब्द वैचित्र्य से भरपूर है साथ ही उसमें सरसता और मार्मिकता भी है।

Explanations:

‘तुलसी गंग दुवौ भये सुकबिन के सरदार’ यह प्रसिद्ध कथन भिखारीदास का है। कवि गंग का समय 1538 - 1625 ई. माना जाता है। इनका वास्तविक नाम गंगाधर था। ये अकबर के दरबारी कवि थे। ‘गंग पचीसी’, गंग पदावली, गंग रत्नावली इनके प्रमुख ग्रंथ हैं। गंग की कविता अलंकार और शब्द वैचित्र्य से भरपूर है साथ ही उसमें सरसता और मार्मिकता भी है।