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Q: तडि़त आघातों से भवनों को बचाने के लिये तडि़त चालकों का उपयोग किया जाता है। तडि़त चालकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सत्य है/हैं– 1. तडि़त चालक अपने शीर्ष पर एक विद्युत क्षेत्र बनाते हैं जिससे कि तडि़त अधिमान्य रूप से इस पर ही आघात करे 2. तडि़त चालक, भवन की सतह पर आवेश (धारा) को एकसमान रूप से वितरित कर आघात के प्रभाव को कम कर देते हैं 3. तडि़त चालक सारे आवेश (धारा) को भूमि के काफी अंदर ले जाते हैं 4. तडि़त चालकों को भवन के किसी ऊँचे स्थान पर ही स्थापित किया जाना चाहिए नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये–
  • A. 1 और 2
  • B. केवल 3 और 4
  • C. 1, 3 और 4
  • D. केवल 4
Correct Answer: Option C - तड़ित (आकाशीय बिजली) आघातों से भवनों को बचाने के लिए तड़ित चालक का इस्तेमाल भवनों की छतों पर होता है। तड़ित चालक, जो तांबे के तार का बना होता है यह अपने शीर्ष पर एक विद्युत क्षेत्र बनाता है जिससे कि तड़ित (आकाशीय बिजली) अधिमान्य रूप से इस तडि़त चालक पर ही आघात करें तड़ित चालक को भवन के किसी ऊँचे स्थान पर स्थापित किया जाता है तथा इसका दूसरा भाग भूमि में दबा दिया जाता है जिससे जब आकाशीय बिजली (तडि़त आघात) गिरती है तो उसे तडि़त चालक के द्वारा ग्रहण कर लिया जाता है तथा वैद्युत आवेश भवन को बिना किसी नुकसान के जमीन में काफी अन्दर तक स्थानांतरित कर दिया जाता है और भवनों की सुरक्षा हो जाती है।
C. तड़ित (आकाशीय बिजली) आघातों से भवनों को बचाने के लिए तड़ित चालक का इस्तेमाल भवनों की छतों पर होता है। तड़ित चालक, जो तांबे के तार का बना होता है यह अपने शीर्ष पर एक विद्युत क्षेत्र बनाता है जिससे कि तड़ित (आकाशीय बिजली) अधिमान्य रूप से इस तडि़त चालक पर ही आघात करें तड़ित चालक को भवन के किसी ऊँचे स्थान पर स्थापित किया जाता है तथा इसका दूसरा भाग भूमि में दबा दिया जाता है जिससे जब आकाशीय बिजली (तडि़त आघात) गिरती है तो उसे तडि़त चालक के द्वारा ग्रहण कर लिया जाता है तथा वैद्युत आवेश भवन को बिना किसी नुकसान के जमीन में काफी अन्दर तक स्थानांतरित कर दिया जाता है और भवनों की सुरक्षा हो जाती है।

Explanations:

तड़ित (आकाशीय बिजली) आघातों से भवनों को बचाने के लिए तड़ित चालक का इस्तेमाल भवनों की छतों पर होता है। तड़ित चालक, जो तांबे के तार का बना होता है यह अपने शीर्ष पर एक विद्युत क्षेत्र बनाता है जिससे कि तड़ित (आकाशीय बिजली) अधिमान्य रूप से इस तडि़त चालक पर ही आघात करें तड़ित चालक को भवन के किसी ऊँचे स्थान पर स्थापित किया जाता है तथा इसका दूसरा भाग भूमि में दबा दिया जाता है जिससे जब आकाशीय बिजली (तडि़त आघात) गिरती है तो उसे तडि़त चालक के द्वारा ग्रहण कर लिया जाता है तथा वैद्युत आवेश भवन को बिना किसी नुकसान के जमीन में काफी अन्दर तक स्थानांतरित कर दिया जाता है और भवनों की सुरक्षा हो जाती है।