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Q: What is/are not true among the following? निम्न में से क्या सही नहीं है/हैं? (i) Audible range of sound for human beings is approximately 20 Hz to 10 kHz./मनुष्य में श्रव्यता का परिसर लगभग 20 20 Hz से 10 kHz है। (ii) Sound waves with frequencies higher than 10 kHz are called ultrasound./10 kHz की आवृत्ति से अधिक की ध्वनियों को पराश्रव्य ध्वनि कहते हैं। (iii) In earthquake, ultrasounds are produced before main shock waves. /भूकम्प में, मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले पराश्रव्य ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं।
  • A. (i) and (ii)/(i) और (ii)
  • B. (i) and (iii)/(i) और (iii)
  • C. (i), (ii) and (iii)/(i), (ii) और (iii)
  • D. Only (iii)/केवल (iii)
Correct Answer: Option C - मनुष्य में श्रव्यता का परिसर लगभग 20 Hz से 20,000 Hz के बीच होता है। 20 Hz से 20,000 Hz के बीच आवृति वाली तरंगों को श्रव्य तंरगें कहते हैं। 20,000 Hz से ऊपर की ध्वनि की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं भूकम्प में मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले अवश्रव्य ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। जो 20,000 Hz से नीचे की आवृत्ति वाली होती हैं। (i), (ii) और (iii) कोई भी सही नहीं है।
C. मनुष्य में श्रव्यता का परिसर लगभग 20 Hz से 20,000 Hz के बीच होता है। 20 Hz से 20,000 Hz के बीच आवृति वाली तरंगों को श्रव्य तंरगें कहते हैं। 20,000 Hz से ऊपर की ध्वनि की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं भूकम्प में मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले अवश्रव्य ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। जो 20,000 Hz से नीचे की आवृत्ति वाली होती हैं। (i), (ii) और (iii) कोई भी सही नहीं है।

Explanations:

मनुष्य में श्रव्यता का परिसर लगभग 20 Hz से 20,000 Hz के बीच होता है। 20 Hz से 20,000 Hz के बीच आवृति वाली तरंगों को श्रव्य तंरगें कहते हैं। 20,000 Hz से ऊपर की ध्वनि की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं भूकम्प में मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले अवश्रव्य ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। जो 20,000 Hz से नीचे की आवृत्ति वाली होती हैं। (i), (ii) और (iii) कोई भी सही नहीं है।