Correct Answer:
Option C - मनुष्य में श्रव्यता का परिसर लगभग 20 Hz से 20,000 Hz के बीच होता है। 20 Hz से 20,000 Hz के बीच आवृति वाली तरंगों को श्रव्य तंरगें कहते हैं। 20,000 Hz से ऊपर की ध्वनि की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं भूकम्प में मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले अवश्रव्य ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। जो 20,000 Hz से नीचे की आवृत्ति वाली होती हैं। (i), (ii) और (iii) कोई भी सही नहीं है।
C. मनुष्य में श्रव्यता का परिसर लगभग 20 Hz से 20,000 Hz के बीच होता है। 20 Hz से 20,000 Hz के बीच आवृति वाली तरंगों को श्रव्य तंरगें कहते हैं। 20,000 Hz से ऊपर की ध्वनि की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं भूकम्प में मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले अवश्रव्य ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। जो 20,000 Hz से नीचे की आवृत्ति वाली होती हैं। (i), (ii) और (iii) कोई भी सही नहीं है।