Correct Answer:
Option A - नेता जी (सुभाष चंद्र बोस) ने 30 दिसम्बर, 1943 को पोर्टब्लेयर में झंडा फहराया था। इनका मानना था कि पोर्ट ब्लेयर ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र होने वाला पहला क्षेत्र था। नेताजी ने अंडमान का नाम शहीद द्वीप तथा निकोबार का नाम स्वराज द्वीप रखा था।
30 दिसम्बर, 2018 को अंडमान के रॉस, नील तथा हेवलॉक द्वीप का नाम क्रमश: नेता जी सुभाष चन्द्र बोस द्वीप, शहीद द्वीप तथा स्वराज द्वीप किया गया।
A. नेता जी (सुभाष चंद्र बोस) ने 30 दिसम्बर, 1943 को पोर्टब्लेयर में झंडा फहराया था। इनका मानना था कि पोर्ट ब्लेयर ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र होने वाला पहला क्षेत्र था। नेताजी ने अंडमान का नाम शहीद द्वीप तथा निकोबार का नाम स्वराज द्वीप रखा था।
30 दिसम्बर, 2018 को अंडमान के रॉस, नील तथा हेवलॉक द्वीप का नाम क्रमश: नेता जी सुभाष चन्द्र बोस द्वीप, शहीद द्वीप तथा स्वराज द्वीप किया गया।