Correct Answer:
Option A - मृदा का अपक्षय दो प्रकार से होता है-
(1) रासायनिक अपक्षय (Chemical Weathering):-
∎ चट्टानों में खनिजों व हवा या पानी जैसे बाहरी कारकों के बीच रासायनिक प्रतिक्रियाओं के परिणामस्वरूप रासायनिक अपक्षय होता है। ऑक्सीजन खनिजों को परिवर्तन उत्पादों में ऑक्सीकरण करता है जबकि पानी खनिजों को मिट्टी में बदल सकता है।
∎ रासायनिक अपक्षय से ससंजन मृदा प्राप्त होती है।
रासायनिक अपक्षयन के कारक निम्न है-
(i) आक्सीकरण, जलयोजन, कार्बनीकरण
(ii) जल तथा कार्बनिक अम्ल के निक्षालन
(2) भौतिक अपक्षयन (Physical Weathering):-
∎ भौतिक अपक्षय तब होता है जब यांत्रिक प्रक्रियाओं जैसे- चट्टानों के टूटने, हिमकरण व विगलन, नदियों या ग्लेशियरों द्वारा परिवहन के दौरान टूटने से चट्टाने टूट जाती हैं।
∎ भौतिक अपक्षयन से ससंजनहीन मृदा प्राप्त होती है।
A. मृदा का अपक्षय दो प्रकार से होता है-
(1) रासायनिक अपक्षय (Chemical Weathering):-
∎ चट्टानों में खनिजों व हवा या पानी जैसे बाहरी कारकों के बीच रासायनिक प्रतिक्रियाओं के परिणामस्वरूप रासायनिक अपक्षय होता है। ऑक्सीजन खनिजों को परिवर्तन उत्पादों में ऑक्सीकरण करता है जबकि पानी खनिजों को मिट्टी में बदल सकता है।
∎ रासायनिक अपक्षय से ससंजन मृदा प्राप्त होती है।
रासायनिक अपक्षयन के कारक निम्न है-
(i) आक्सीकरण, जलयोजन, कार्बनीकरण
(ii) जल तथा कार्बनिक अम्ल के निक्षालन
(2) भौतिक अपक्षयन (Physical Weathering):-
∎ भौतिक अपक्षय तब होता है जब यांत्रिक प्रक्रियाओं जैसे- चट्टानों के टूटने, हिमकरण व विगलन, नदियों या ग्लेशियरों द्वारा परिवहन के दौरान टूटने से चट्टाने टूट जाती हैं।
∎ भौतिक अपक्षयन से ससंजनहीन मृदा प्राप्त होती है।