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Q: .
  • A. विषादराग
  • B. एकांत संगीत
  • C. निशा-निमंत्रण
  • D. आकुल-अंतर
Correct Answer: Option C - ‘बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे। यह ध्यान परों में चिडि़या के भरता, कितनी चंचलता है।’ यह पंक्तियाँ हरिवंश राय बच्चन कृत ‘निशा-निमंत्रण’ काव्य संग्रह से है। ‘हरिवंश राय बच्चन’ की प्रमुख कविता – विषादराग, एकांत संगीत, आकुल-अंतर, मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, सतरंगिनी, खादी के फूल, सूत की माला, दो चट्टाने आदि।
C. ‘बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे। यह ध्यान परों में चिडि़या के भरता, कितनी चंचलता है।’ यह पंक्तियाँ हरिवंश राय बच्चन कृत ‘निशा-निमंत्रण’ काव्य संग्रह से है। ‘हरिवंश राय बच्चन’ की प्रमुख कविता – विषादराग, एकांत संगीत, आकुल-अंतर, मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, सतरंगिनी, खादी के फूल, सूत की माला, दो चट्टाने आदि।

Explanations:

‘बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे। यह ध्यान परों में चिडि़या के भरता, कितनी चंचलता है।’ यह पंक्तियाँ हरिवंश राय बच्चन कृत ‘निशा-निमंत्रण’ काव्य संग्रह से है। ‘हरिवंश राय बच्चन’ की प्रमुख कविता – विषादराग, एकांत संगीत, आकुल-अंतर, मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, सतरंगिनी, खादी के फूल, सूत की माला, दो चट्टाने आदि।