Correct Answer:
Option A - श्यामसुन्दर में कर्मधारय समास है।
⇒ श्यामसुन्दर का समास विग्रह ‘श्याम जो सुन्दर है’ होगा।
तत्पुरूष समास:-
जिस समास में दूसरा शब्द प्रधान होता है, उसे तत्पुरूष समास कहते है। इस समास पहला पद बहुधा संज्ञा अथवा विशेषण होता है। तत्पुरूष समास के मुख्य दो भेद है-
(1) व्याधिकरण तत्पुरूष (द्विगु समास)
(2) समानाधिकरण तत्पुरूष (कर्मधारय समास)
⇒ व्याधिकरण तत्पुरूष :- जिस तत्पुरूष समास के विग्रह में उसके अवयवों में भिन्न-2 विभक्तियाँ लगाई जाती है, उसे व्याधिकरण तत्पुरूष कहते है।
⇒ समानाधिकरण तत्पुरूष:- जिस तत्पुरूष समास के विग्रह में उसके दोनों शब्दों में एक ही विभक्ति लगती है।
समानाधिकरण तत्पुरूष का प्रचलित नाम कर्मधारय है।
⇒ द्विगु समास व्याधिकरण तत्पुरूष का उदाहरण है। जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो, उसे द्विगु समास कहते है- यथा - चौराहा, पंचवटी, दुराहा, सतसई ।
A. श्यामसुन्दर में कर्मधारय समास है।
⇒ श्यामसुन्दर का समास विग्रह ‘श्याम जो सुन्दर है’ होगा।
तत्पुरूष समास:-
जिस समास में दूसरा शब्द प्रधान होता है, उसे तत्पुरूष समास कहते है। इस समास पहला पद बहुधा संज्ञा अथवा विशेषण होता है। तत्पुरूष समास के मुख्य दो भेद है-
(1) व्याधिकरण तत्पुरूष (द्विगु समास)
(2) समानाधिकरण तत्पुरूष (कर्मधारय समास)
⇒ व्याधिकरण तत्पुरूष :- जिस तत्पुरूष समास के विग्रह में उसके अवयवों में भिन्न-2 विभक्तियाँ लगाई जाती है, उसे व्याधिकरण तत्पुरूष कहते है।
⇒ समानाधिकरण तत्पुरूष:- जिस तत्पुरूष समास के विग्रह में उसके दोनों शब्दों में एक ही विभक्ति लगती है।
समानाधिकरण तत्पुरूष का प्रचलित नाम कर्मधारय है।
⇒ द्विगु समास व्याधिकरण तत्पुरूष का उदाहरण है। जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो, उसे द्विगु समास कहते है- यथा - चौराहा, पंचवटी, दुराहा, सतसई ।