search
Q: शिवराजविजय के कथानक के प्रारम्भ का काल है :
  • A. रात्रि
  • B. प्रात:
  • C. मध्याह्न
  • D. सायं
Correct Answer: Option B - शिवराजविजय के लेखक पं. अम्बिकादत्त व्यास है इसका प्रारम्भ प्रात: काल से माना जाता है। कथानक के प्रारम्भ में वर्णित है कि ‘‘अरुण एष प्रकाश: पूर्वस्यां भगवतो मरीचिमालिन:।’’ अर्थात् पूर्व में भगवान सूर्य का यह रक्तिम् प्रकाश है।
B. शिवराजविजय के लेखक पं. अम्बिकादत्त व्यास है इसका प्रारम्भ प्रात: काल से माना जाता है। कथानक के प्रारम्भ में वर्णित है कि ‘‘अरुण एष प्रकाश: पूर्वस्यां भगवतो मरीचिमालिन:।’’ अर्थात् पूर्व में भगवान सूर्य का यह रक्तिम् प्रकाश है।

Explanations:

शिवराजविजय के लेखक पं. अम्बिकादत्त व्यास है इसका प्रारम्भ प्रात: काल से माना जाता है। कथानक के प्रारम्भ में वर्णित है कि ‘‘अरुण एष प्रकाश: पूर्वस्यां भगवतो मरीचिमालिन:।’’ अर्थात् पूर्व में भगवान सूर्य का यह रक्तिम् प्रकाश है।