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Q: शुष्क खेती हेतु फसलों एवं प्रजातियों में कौन सा गुण होना चाहिए–
  • A. कम अवधि एवं शीघ्र वृद्धि
  • B. गहरी एवं विभाजित जड़ें
  • C. शीघ्र पकने वाली
  • D. उपर्युक्त सभी
Correct Answer: Option D - 50 सेमी. से कम वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में वर्षा पर आश्रित या वर्षा के पानी के संरक्षण पर की जाने वाली खेती शुष्क खेती कहलाती है। इस खेती में ऐसी फसलों का चयन किया जाता है कि - वह कम अवधि की हो। - उसकी जड़ें गहरी हो ताकि वह नीचे जाकर पानी ले सवेंâ - वह शीघ्र पकने वाली हो ताकि पानी की कम आवश्यकता पड़े।
D. 50 सेमी. से कम वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में वर्षा पर आश्रित या वर्षा के पानी के संरक्षण पर की जाने वाली खेती शुष्क खेती कहलाती है। इस खेती में ऐसी फसलों का चयन किया जाता है कि - वह कम अवधि की हो। - उसकी जड़ें गहरी हो ताकि वह नीचे जाकर पानी ले सवेंâ - वह शीघ्र पकने वाली हो ताकि पानी की कम आवश्यकता पड़े।

Explanations:

50 सेमी. से कम वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में वर्षा पर आश्रित या वर्षा के पानी के संरक्षण पर की जाने वाली खेती शुष्क खेती कहलाती है। इस खेती में ऐसी फसलों का चयन किया जाता है कि - वह कम अवधि की हो। - उसकी जड़ें गहरी हो ताकि वह नीचे जाकर पानी ले सवेंâ - वह शीघ्र पकने वाली हो ताकि पानी की कम आवश्यकता पड़े।