Correct Answer:
Option A - ‘शुष्क:’ इति पदस्य निष्पत्ति: क्त प्रत्यययोगात् अस्ति।
अर्थात् ‘शुष्क’ इस पद की निष्पत्ति ‘क्त’ प्रत्यय के योग से हुई है। ‘क्त’ (त) की ‘क्तक्तवतू निष्ठा’ सूत्र से निष्ठा संज्ञा हुई तथा शुष् + क्त (त) में ‘शुष: क:’ सूत्र से शुष् शब्द से परे ‘क्त’ (त) को ‘क’ आदेश होकर शुष् + क = शुष्क: रूप निष्पन्न होता है। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (a) सही है अन्य शेष विकल्प सही नहीं है।
A. ‘शुष्क:’ इति पदस्य निष्पत्ति: क्त प्रत्यययोगात् अस्ति।
अर्थात् ‘शुष्क’ इस पद की निष्पत्ति ‘क्त’ प्रत्यय के योग से हुई है। ‘क्त’ (त) की ‘क्तक्तवतू निष्ठा’ सूत्र से निष्ठा संज्ञा हुई तथा शुष् + क्त (त) में ‘शुष: क:’ सूत्र से शुष् शब्द से परे ‘क्त’ (त) को ‘क’ आदेश होकर शुष् + क = शुष्क: रूप निष्पन्न होता है। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (a) सही है अन्य शेष विकल्प सही नहीं है।