Correct Answer:
Option D - शैशवावस्था में चिंतन का विकास नहीं हो पाता है क्योंकि इस अवस्था में बालक का व्यवहार उसके मूल संवेगों से निर्देशित होता है। चिंतन का विकास बाल्यावस्था का मुख्य लक्षण होता है। अधिगम प्रक्रिया में तीव्रता, जिज्ञासा की प्रवृत्ति तथा अनुकरण (दोहराने) की प्रकृति शैशवावस्था की प्रमुख विशेषता होती है।
D. शैशवावस्था में चिंतन का विकास नहीं हो पाता है क्योंकि इस अवस्था में बालक का व्यवहार उसके मूल संवेगों से निर्देशित होता है। चिंतन का विकास बाल्यावस्था का मुख्य लक्षण होता है। अधिगम प्रक्रिया में तीव्रता, जिज्ञासा की प्रवृत्ति तथा अनुकरण (दोहराने) की प्रकृति शैशवावस्था की प्रमुख विशेषता होती है।