Correct Answer:
Option C - पीतल में कार्य को कठोर करने की उच्च प्रवृत्ति होती है। पीतल में कॉपर तथा जिंक दो धातुएँ होती है। इसमें कॉपर तथा जिंक दोनो 50-50 प्रतिशत होता है। ब्रास बहुत ही उपयोगी एलाय है। इनके याँत्रिक गुण बहुत अच्छे होते हैं तथा ये संक्षारण प्रतिरोधी भी है। इन पर मशीनिंग क्रिया आसानी से की जा सकती है।
चाँदी (Silver)– चाँदी मृदु, सफेद एवं चमकीली धातु है। यह ऊष्मा एवं विद्युत की सुचालक होती है। इसका उपयोग खाने के बर्तन गहने आदि बनाने में किया जाता है।
एल्युमिनियम– एल्युमिनियम सभी व्यवसायिक धातुओं में सबसे अधिक मात्रा में पृथ्वी पर पाया जाता है।
यह तन्य एवं आघातवर्ध्य है।
यह विद्युत तथा ऊष्मा की एक अच्छा सुचालक है।
C. पीतल में कार्य को कठोर करने की उच्च प्रवृत्ति होती है। पीतल में कॉपर तथा जिंक दो धातुएँ होती है। इसमें कॉपर तथा जिंक दोनो 50-50 प्रतिशत होता है। ब्रास बहुत ही उपयोगी एलाय है। इनके याँत्रिक गुण बहुत अच्छे होते हैं तथा ये संक्षारण प्रतिरोधी भी है। इन पर मशीनिंग क्रिया आसानी से की जा सकती है।
चाँदी (Silver)– चाँदी मृदु, सफेद एवं चमकीली धातु है। यह ऊष्मा एवं विद्युत की सुचालक होती है। इसका उपयोग खाने के बर्तन गहने आदि बनाने में किया जाता है।
एल्युमिनियम– एल्युमिनियम सभी व्यवसायिक धातुओं में सबसे अधिक मात्रा में पृथ्वी पर पाया जाता है।
यह तन्य एवं आघातवर्ध्य है।
यह विद्युत तथा ऊष्मा की एक अच्छा सुचालक है।