Correct Answer:
Option D - श्रीमद्भगवद््गीताया: ‘दशमे’ अध्याये भगवतो विभूतयो वर्णिता: सन्ति। अर्थात् श्रीश्रीमद्भगवद्गीता के दशम्-अध्याय में भगवान् की विभूतियाँ वर्णित हैं। कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास द्वारा रचित ‘गीता’ हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र ग्रन्थ है यह प्रस्थानत्रयी (उपनिषद, ब्रह्मसूत्र, गीता) के अन्तर्गत सम्मिलित है, इसको वेदान्त का स्मृति प्रस्थान कहा जाता है अत: विकल्प (d) सही है शेष अन्य विकल्प (a) सप्तम अध्याय का नाम- ज्ञान विज्ञान योग, (b) नवम् अध्याय का नाम-राजविद्या राजगुह्ययोग तथा (c) द्वादश अध्याय का नाम-भक्तियोग है।
D. श्रीमद्भगवद््गीताया: ‘दशमे’ अध्याये भगवतो विभूतयो वर्णिता: सन्ति। अर्थात् श्रीश्रीमद्भगवद्गीता के दशम्-अध्याय में भगवान् की विभूतियाँ वर्णित हैं। कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास द्वारा रचित ‘गीता’ हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र ग्रन्थ है यह प्रस्थानत्रयी (उपनिषद, ब्रह्मसूत्र, गीता) के अन्तर्गत सम्मिलित है, इसको वेदान्त का स्मृति प्रस्थान कहा जाता है अत: विकल्प (d) सही है शेष अन्य विकल्प (a) सप्तम अध्याय का नाम- ज्ञान विज्ञान योग, (b) नवम् अध्याय का नाम-राजविद्या राजगुह्ययोग तथा (c) द्वादश अध्याय का नाम-भक्तियोग है।