Correct Answer:
Option D - ‘शृंखला की कड़ियाँ ’ की मुख्य वस्तु स्त्री-विमर्श है। सन् 1942 ई. में प्रकाशित इस कृति में सही अर्थों में स्त्री विमर्श की प्रस्तावना है जिसमें तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों में नारी की दशा, दिशा एवं संघर्षों पर महादेवी ने अपनी लेखनी चलायी है। शृंखला की कड़ियाँ निबन्ध विधा की रचना है।
D. ‘शृंखला की कड़ियाँ ’ की मुख्य वस्तु स्त्री-विमर्श है। सन् 1942 ई. में प्रकाशित इस कृति में सही अर्थों में स्त्री विमर्श की प्रस्तावना है जिसमें तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों में नारी की दशा, दिशा एवं संघर्षों पर महादेवी ने अपनी लेखनी चलायी है। शृंखला की कड़ियाँ निबन्ध विधा की रचना है।