Correct Answer:
Option D - कीटों के शरीर में श्वासनली (Tracheae) एक महत्वपूर्ण भाग है। श्वासनली की आन्तरिक सतह पर कुछ विशेष कोशिकाओं की परत होती है जिन से श्लेष्म रिसता रहता है। साँस के साथ शरीर में प्रवेश हुए अधिकतर धूल व अन्य हानिकारक कण इस श्लेष्मा से चिपक कर फँस जाते हैं और अंदरूनी अंगो तक नहीं पहुॅँच पाते, ये पेट में पहुँच कर वहाँ पर हाजमे के रसायनों द्वारा नष्ट कर दिया जाता है या थूक बन कर इसे थूका या निगला जा सकता है।
D. कीटों के शरीर में श्वासनली (Tracheae) एक महत्वपूर्ण भाग है। श्वासनली की आन्तरिक सतह पर कुछ विशेष कोशिकाओं की परत होती है जिन से श्लेष्म रिसता रहता है। साँस के साथ शरीर में प्रवेश हुए अधिकतर धूल व अन्य हानिकारक कण इस श्लेष्मा से चिपक कर फँस जाते हैं और अंदरूनी अंगो तक नहीं पहुॅँच पाते, ये पेट में पहुँच कर वहाँ पर हाजमे के रसायनों द्वारा नष्ट कर दिया जाता है या थूक बन कर इसे थूका या निगला जा सकता है।