Correct Answer:
Option D - भारत में धर्म निरपेक्षता एक गत्यात्मक, प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध धर्म निरपेक्षता पायी जाती है। भारत में परिवर्तन धर्म निरपेक्षता का तात्पर्य है कि धर्म निरपेक्षता एक कठोर या स्थिर सिद्धान्त नहीं है, बल्कि एक अवधारणा है जो विविध भारतीय सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक ताने-बाने की निरंतर बदलती गतिशीलता को समायोजित करने के लिए विकसित होती है। भारतीय संविधान में धर्म निरपेक्षता को परिभाषित करते हुए 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा प्रस्तावना में पंथ निरपेक्षता शब्द जोड़ा गया।
D. भारत में धर्म निरपेक्षता एक गत्यात्मक, प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध धर्म निरपेक्षता पायी जाती है। भारत में परिवर्तन धर्म निरपेक्षता का तात्पर्य है कि धर्म निरपेक्षता एक कठोर या स्थिर सिद्धान्त नहीं है, बल्कि एक अवधारणा है जो विविध भारतीय सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक ताने-बाने की निरंतर बदलती गतिशीलता को समायोजित करने के लिए विकसित होती है। भारतीय संविधान में धर्म निरपेक्षता को परिभाषित करते हुए 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा प्रस्तावना में पंथ निरपेक्षता शब्द जोड़ा गया।