Correct Answer:
Option B - : ‘अन्तर्हिते शशिनि सैव कुमुद्वती मे दृष्टिं न नन्दयति संस्मरणीयशोभा’। इत्यत्र ‘अन्तर्हिते शशिनि’ इत्यनयो: पदयो: ‘यस्य च भावेन भावलक्षणम्’ सूत्रेण सप्तमीविभक्तिर्भवति, जिस क्रिया से दूसरी क्रिया लक्षित हो तो उस क्रियावान से सप्तमी विभक्ति लगती है।
यथा- रामे वनं गते दशरथ: प्राणान् तत्त्याज। (राम के वन जाने पर दशरथ ने प्राण छोड़ दिया)
सूर्ये अस्तं गते गोपा: गृहम् अगच्छन्।
(सूर्य के अस्त हो जाने पर ग्वाले घर गये।)
B. : ‘अन्तर्हिते शशिनि सैव कुमुद्वती मे दृष्टिं न नन्दयति संस्मरणीयशोभा’। इत्यत्र ‘अन्तर्हिते शशिनि’ इत्यनयो: पदयो: ‘यस्य च भावेन भावलक्षणम्’ सूत्रेण सप्तमीविभक्तिर्भवति, जिस क्रिया से दूसरी क्रिया लक्षित हो तो उस क्रियावान से सप्तमी विभक्ति लगती है।
यथा- रामे वनं गते दशरथ: प्राणान् तत्त्याज। (राम के वन जाने पर दशरथ ने प्राण छोड़ दिया)
सूर्ये अस्तं गते गोपा: गृहम् अगच्छन्।
(सूर्य के अस्त हो जाने पर ग्वाले घर गये।)