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Q: अनर्घराघवनाटकं रचितवान्
  • A. भवभूति:
  • B. भास:
  • C. विशाखदत्त:
  • D. मुरारि:
Correct Answer: Option D - अनर्घराघवनाटकं ‘मुरारि:’ रचितवान्। ‘अनर्घराघवम्’ कवि मुरारि द्वारा रचित 7 अङ्को का नाटक है। यह अलङ्कृत शैली का उत्कृष्ट दृश्य काव्य है। शब्दालङ्कार और अर्थालङ्कार अपनी सुन्दरता के साथ इसमें प्रयुक्त हुए हैं। मुरारि एक प्रसिद्ध नाटककार थे। उन्होंने रामकथाप्रधान अनर्घराघवम् नाटक का गुम्फन किया है। उनकी भाषा शैली पाण्डित्य पूर्ण ओर समासबहुला है।
D. अनर्घराघवनाटकं ‘मुरारि:’ रचितवान्। ‘अनर्घराघवम्’ कवि मुरारि द्वारा रचित 7 अङ्को का नाटक है। यह अलङ्कृत शैली का उत्कृष्ट दृश्य काव्य है। शब्दालङ्कार और अर्थालङ्कार अपनी सुन्दरता के साथ इसमें प्रयुक्त हुए हैं। मुरारि एक प्रसिद्ध नाटककार थे। उन्होंने रामकथाप्रधान अनर्घराघवम् नाटक का गुम्फन किया है। उनकी भाषा शैली पाण्डित्य पूर्ण ओर समासबहुला है।

Explanations:

अनर्घराघवनाटकं ‘मुरारि:’ रचितवान्। ‘अनर्घराघवम्’ कवि मुरारि द्वारा रचित 7 अङ्को का नाटक है। यह अलङ्कृत शैली का उत्कृष्ट दृश्य काव्य है। शब्दालङ्कार और अर्थालङ्कार अपनी सुन्दरता के साथ इसमें प्रयुक्त हुए हैं। मुरारि एक प्रसिद्ध नाटककार थे। उन्होंने रामकथाप्रधान अनर्घराघवम् नाटक का गुम्फन किया है। उनकी भाषा शैली पाण्डित्य पूर्ण ओर समासबहुला है।