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Q: जातस्य को ध्रुव:?
  • A. विवाह:
  • B. मृत्यु:
  • C. गतिरोध:
  • D. विरोध:
Correct Answer: Option B - जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु:। श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं- जिसने जन्म लिया है उसका मरण निश्चित है और जो मर गया है उसका जन्म निश्चित है इसलिए यह जन्म-मरण रूप भाव अपरिहार्य है अर्थात् किसी प्रकार भी इसका प्रतिकार नहीं किया जा सकता। इस अपरिहार्य विषय के निमित्त तुझे शोक करना उचित नहीं।
B. जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु:। श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं- जिसने जन्म लिया है उसका मरण निश्चित है और जो मर गया है उसका जन्म निश्चित है इसलिए यह जन्म-मरण रूप भाव अपरिहार्य है अर्थात् किसी प्रकार भी इसका प्रतिकार नहीं किया जा सकता। इस अपरिहार्य विषय के निमित्त तुझे शोक करना उचित नहीं।

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जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु:। श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं- जिसने जन्म लिया है उसका मरण निश्चित है और जो मर गया है उसका जन्म निश्चित है इसलिए यह जन्म-मरण रूप भाव अपरिहार्य है अर्थात् किसी प्रकार भी इसका प्रतिकार नहीं किया जा सकता। इस अपरिहार्य विषय के निमित्त तुझे शोक करना उचित नहीं।