Correct Answer:
Option C - महावीर स्वामी जैनियों के 24 वें तीर्थकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। स्याद्वाद जैन धर्म से सम्बन्धित था। स्यादवाद (अनेकान्तवाद) अथवा सप्तभंगीनय को ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धान्त कहा जाता है। महावीर ने अपने जीवन काल में ही एक संघ की स्थापना की जिसमें 11 प्रमुख शिष्यों को शामिल किया तथा ये गणधर कहलाए।
C. महावीर स्वामी जैनियों के 24 वें तीर्थकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। स्याद्वाद जैन धर्म से सम्बन्धित था। स्यादवाद (अनेकान्तवाद) अथवा सप्तभंगीनय को ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धान्त कहा जाता है। महावीर ने अपने जीवन काल में ही एक संघ की स्थापना की जिसमें 11 प्रमुख शिष्यों को शामिल किया तथा ये गणधर कहलाए।