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Q: ‘स्वधर्मे निधनं श्रेय:’-इत्युक्ति: गीताया: कतमेऽध्याये वर्तते?
  • A. द्वितीये
  • B. तृतीये
  • C. पञ्चमे
  • D. चतुर्थे
Correct Answer: Option B - यह सूक्ति गीता के तीसरे अध्याय में प्राप्त होता है। इसका अर्थ अपने धर्म में मृत्यु श्रेष्ठ है।
B. यह सूक्ति गीता के तीसरे अध्याय में प्राप्त होता है। इसका अर्थ अपने धर्म में मृत्यु श्रेष्ठ है।

Explanations:

यह सूक्ति गीता के तीसरे अध्याय में प्राप्त होता है। इसका अर्थ अपने धर्म में मृत्यु श्रेष्ठ है।