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Q: स्वतंत्रतापूर्व बिहार में समाजवादी विचारधारा के प्रसार का श्रेय जाता है-
  • A. जयप्रकाश नारायण एवं बी. पी. सिन्हा की पाश्चात्य शिक्षा को
  • B. अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी आंदोलन को
  • C. कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं की क्रांतिकारिता को
  • D. ब्रिटेन की लेबर पार्टी को
Correct Answer: Option C - 1932-34 के दौरान युवा कांग्रेस जनों के एक वर्ग ने कांग्रेस के भीतर ही रहकर संगठन को वामपंथ की ओर प्रेरित करने के लिए समाजवादी पार्टी बनायी, जिसके प्रमुख सदस्य-जयप्रकाश नारायण, अच्युत पटवर्धन, युसुफ मेहर अली, अशोक मेहता और मीनू-मसानी थे। इसी पार्टी ने देश में समाजवादी विचारधारा का प्रचार किया। बिहार सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव और सचिव जय प्रकाश नारायण थे।
C. 1932-34 के दौरान युवा कांग्रेस जनों के एक वर्ग ने कांग्रेस के भीतर ही रहकर संगठन को वामपंथ की ओर प्रेरित करने के लिए समाजवादी पार्टी बनायी, जिसके प्रमुख सदस्य-जयप्रकाश नारायण, अच्युत पटवर्धन, युसुफ मेहर अली, अशोक मेहता और मीनू-मसानी थे। इसी पार्टी ने देश में समाजवादी विचारधारा का प्रचार किया। बिहार सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव और सचिव जय प्रकाश नारायण थे।

Explanations:

1932-34 के दौरान युवा कांग्रेस जनों के एक वर्ग ने कांग्रेस के भीतर ही रहकर संगठन को वामपंथ की ओर प्रेरित करने के लिए समाजवादी पार्टी बनायी, जिसके प्रमुख सदस्य-जयप्रकाश नारायण, अच्युत पटवर्धन, युसुफ मेहर अली, अशोक मेहता और मीनू-मसानी थे। इसी पार्टी ने देश में समाजवादी विचारधारा का प्रचार किया। बिहार सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव और सचिव जय प्रकाश नारायण थे।