Correct Answer:
Option C - स्वतंत्रता पूर्व बिहार में बड़े जमींदारों को अपनी राजनीतिक शक्ति बचाने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति को बहाल करना अति आवश्यक था। 80 साल की उम्र में जमींदार कुंवर सिंह को अंग्रेजों ने दिवालिएपन की कगार पर पहुँचा दिया था। इसलिए वह भीतर-ही-भीतर अंग्रेजों के दुश्मन हो गये थे। अंग्रेजों ने उनकी सारी सम्पत्ति छीन ली थी। यही हाल लगभग सभी जमींदारों का था। उन जमींदारों ने इसके लिए खुद कोई विद्रोह की योजना नहीं बनायी। परन्तु जब मई, 1857 ई. में विद्रोह का विगुल बजा, तो वे अपनी आर्थिक स्थिति पुन: बहाल करवाने के उद्देश्य से विद्रोह में शामिल हो गये।
C. स्वतंत्रता पूर्व बिहार में बड़े जमींदारों को अपनी राजनीतिक शक्ति बचाने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति को बहाल करना अति आवश्यक था। 80 साल की उम्र में जमींदार कुंवर सिंह को अंग्रेजों ने दिवालिएपन की कगार पर पहुँचा दिया था। इसलिए वह भीतर-ही-भीतर अंग्रेजों के दुश्मन हो गये थे। अंग्रेजों ने उनकी सारी सम्पत्ति छीन ली थी। यही हाल लगभग सभी जमींदारों का था। उन जमींदारों ने इसके लिए खुद कोई विद्रोह की योजना नहीं बनायी। परन्तु जब मई, 1857 ई. में विद्रोह का विगुल बजा, तो वे अपनी आर्थिक स्थिति पुन: बहाल करवाने के उद्देश्य से विद्रोह में शामिल हो गये।