Correct Answer:
Option B - पेशियों का शारीरिक क्रिया के तत्परता के लिए कसावट की स्थिति में रहना पेशीय टोन अथवा मसल टोन कहलाता है। सामान्य स्थिति में पेशी खुद ही कुछ तनी होती है, जिसे टोन कहा जाता है। इसी टोन के कारण पेशियाँ बिना थके एक सी स्थिति में रहती हैं। यह पूरी प्रक्रिया एक कार्य प्रणाली पर आधारित है, जिसके द्वारा अलग–अलग समूह के पेशीय तन्तु संकुचित और शिथिल होते हैं जो हर समूह को आराम और सक्रियता की अवधि प्रदान करती है।
B. पेशियों का शारीरिक क्रिया के तत्परता के लिए कसावट की स्थिति में रहना पेशीय टोन अथवा मसल टोन कहलाता है। सामान्य स्थिति में पेशी खुद ही कुछ तनी होती है, जिसे टोन कहा जाता है। इसी टोन के कारण पेशियाँ बिना थके एक सी स्थिति में रहती हैं। यह पूरी प्रक्रिया एक कार्य प्रणाली पर आधारित है, जिसके द्वारा अलग–अलग समूह के पेशीय तन्तु संकुचित और शिथिल होते हैं जो हर समूह को आराम और सक्रियता की अवधि प्रदान करती है।