Correct Answer:
Option D - ‘स्वर्गप्राप्त’ में ‘तत्पुरुष समास’ है।
स्वर्गप्राप्त = स्वर्ग को प्राप्त (कर्म तत्पुरुष)
तत्पुरुष समास में द्वितीय पद की प्रधानता होती है। इस समास में कर्ता कारक और सम्बोधन कारक के अतिरिक्त शेष द्वितीया से सप्तमी कारक तक के विभक्ति का लोप होता है।
जैसे- मनोहर = मन को हरने वाला
गृहागत = गृह को आगत
स्वर्गप्राप्त = स्वर्ग को प्राप्त
D. ‘स्वर्गप्राप्त’ में ‘तत्पुरुष समास’ है।
स्वर्गप्राप्त = स्वर्ग को प्राप्त (कर्म तत्पुरुष)
तत्पुरुष समास में द्वितीय पद की प्रधानता होती है। इस समास में कर्ता कारक और सम्बोधन कारक के अतिरिक्त शेष द्वितीया से सप्तमी कारक तक के विभक्ति का लोप होता है।
जैसे- मनोहर = मन को हरने वाला
गृहागत = गृह को आगत
स्वर्गप्राप्त = स्वर्ग को प्राप्त