Correct Answer:
Option D - संवेगात्मक विकास का तात्पर्य व्यवहार परिवर्तन से है जैसी परिस्थितिया उत्पन्न होती है उसी के अनुसार बालक अपने संवेग (व्यवहार) को प्रदर्शित करता है। संवेगात्मक विकास कई प्रकार के आन्तरिक एवं बाह्य कारणों से प्रभावित होता है- जैसे- शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक योग्यता, थकान, परिस्थिति आदि।
D. संवेगात्मक विकास का तात्पर्य व्यवहार परिवर्तन से है जैसी परिस्थितिया उत्पन्न होती है उसी के अनुसार बालक अपने संवेग (व्यवहार) को प्रदर्शित करता है। संवेगात्मक विकास कई प्रकार के आन्तरिक एवं बाह्य कारणों से प्रभावित होता है- जैसे- शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक योग्यता, थकान, परिस्थिति आदि।